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انعقاد مؤتمر جماهيري مشترك حاشد في هانومانغاره ضد السياسات المعادية للفلاحين والعمال

 *अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू, राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन*

_जिला - हनुमानगढ़_
*दिनांक: आज, 17JULY 2026*
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*किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ हनुमानगढ़ में विशाल संयुक्त कन्वेंशन संपन्न ** सीटू प्रदेश अध्यक्ष कामरेड भंवर सिंह शेखावत ने कन्वेंशन का उद्घाटन किया किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व विधायक कामरेड पेमाराम* ने कन्वेंशन का समापन किया
*10 अगस्त को देशभर में किसान-मजदूर जेल भरो आंदोलन का ऐलान*
*हनुमानगढ़।* अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र सीटू और राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में आज हनुमानगढ़ की अग्रसेन धर्मशाला में जिला स्तरीय कन्वेंशन संपन्न हुआ। कन्वेंशन में सैकड़ों किसान, मजदूर और ग्रामीण कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
*कन्वेंशन के मुख्य बिंदु:*
*1. किसान विरोधी कानूनों पर हमला - कॉ. पेमाराम*
किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक *कॉ. पेमाराम* ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों के हितों पर हमला कर रही है। पहले तीन काले कानून लाए, जनता और किसानों के संघर्ष से वापस लेने पड़े। अब बीज विधेयक और ट्रेड बिल लेकर आई है जो खेत और किसान की मौत है। इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार न तो स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर रही है और न ही किसानों को MSP पर फसल बिक रही है। किसान लगातार कर्ज में डूब रहा है और आत्महत्या को मजबूर है। अब किसान आत्महत्या नहीं करेगा, संघर्ष करेगा।
*घोषणा:* 10 अगस्त को पूरे देश में किसान-मजदूर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा और किसान-मजदूर विरोधी नीतियों को वापस करवाया जाएगा।
*2. मनरेगा खत्म करने की साजिश - कॉ. दुर्गा स्वामी*
राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष *कॉ. दुर्गा स्वामी* ने कहा कि केंद्र सरकार ग्रामीण मजदूरों के लिए बने कानूनों पर लगातार हमला कर रही है। मनरेगा की जगह GRAM-ROZGAR एक्ट लाकर मनरेगा को खत्म करने की साजिश है। इस कानून में काम की गारंटी नहीं है। सरकार कभी भी 2 महीने काम बंद कर सकती है।
2026 में लगभग सभी जगह मनरेगा और GRAM-ROZGAR का काम बंद है। ग्रामीण रोजगार का आधार खत्म किया जा रहा है। 60% खर्च राज्य सरकारों पर डाल दिया गया है जबकि राज्य सरकारों का बजट घाटे में है। ऐसे में GRAM-ROZGAR का काम शुरू होना संभव नहीं है।
उन्होंने आमजन से सड़कों पर उतरकर मिलकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
*3. मजदूर विरोधी 4 लेबर *कोड - कॉ. भंवर सिंह*शेखावत
सीटू के प्रदेश अध्यक्ष *कॉ. भंवर सिंह*शेखावत ने कहा कि* केंद्र सरकार द्वारा लाए गए 4 लेबर कोड मजदूरों को आवाज उठाने और हड़ताल करने के अधिकार से वंचित कर रहे हैं। मजदूरों के वेतन और जीवन की कोई सुरक्षा नहीं है। सरकार कॉरपोरेट के दबाव में मजदूर विरोधी कानून लागू कर रही है। अब समय आ गया है कि हम जागें और मजदूर विरोधी कानूनों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ें।
*समापन:* कन्वेंशन का समापन *कॉ. आत्मा सिंह* ने किया।
कन्वेंशन में वक्ताओं ने कहा कि जब तक किसान-मजदूर विरोधी नीतियां वापस नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा। *कन्वेंशन में शेर सिंह शाक्य* सखी रोहिताश सोलंकी बसंत सिंह जगजीत सिंह जग्गी मनीराम मेघवाल पहलाद बहलोल नगर सुरेश स्वामी गोपाल गुरदेव सिंह बग्गा सिंह श्याम लाल बिंटू राम सिंह अमर जीत विनोद मावर,वेद मक्कासर सुरेश जोडकिया जगदीश यादव सोपत राम संदीप बरुण बिश्नोई सुरेंद्र शर्मा बलराम स्वामी मेवाराम कृपाराम अमरजीत रामचंद्र महिला समिति की अध्यक्ष सरबजीत कौर रिछपाल सिंह राठौड़ गुरु प्रेम सिंह सुल्तान खान नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष देवीलाल आदि उपस्थित





عموم اتحاد الفلاحين في الهند، ومركز النقابات العمالية الهندي (CITU)، واتحاد عمال الزراعة والعمال الريفيين في راجستان
منطقة: هانومانغاره
التاريخ: اليوم، 17 يوليو/تموز 2026

انعقاد مؤتمر جماهيري مشترك حاشد في هانومانغاره ضد السياسات المعادية للفلاحين والعمال

افتتح المؤتمر رئيس فرع ولاية راجستان لمركز النقابات العمالية الهندي (CITU)، الرفيق بهانوار سينغ شيكاوات، بينما اختتمه رئيس فرع ولاية راجستان لاتحاد الفلاحين وعضو المجلس التشريعي السابق الرفيق بيمارام.

إعلان تنظيم حملة «املأوا السجون» للفلاحين والعمال في جميع أنحاء الهند يوم 10 أغسطس

هانومانغاره: نظم اليوم كل من عموم اتحاد الفلاحين في الهند، ومركز النقابات العمالية الهندي (CITU)، واتحاد عمال الزراعة والعمال الريفيين في راجستان مؤتمرًا مشتركًا على مستوى المنطقة في قاعة أغراسين دارمشالا بمدينة هانومانغاره، بمشاركة مئات الفلاحين والعمال والناشطين الريفيين.

أبرز ما جاء في المؤتمر

1. الهجوم على القوانين المعادية للفلاحين – الرفيق بيمارام

قال رئيس اتحاد الفلاحين في الولاية وعضو المجلس التشريعي السابق الرفيق بيمارام إن الحكومة المركزية تواصل استهداف مصالح الفلاحين. فقد سبق أن أقرت ثلاثة قوانين زراعية وصفها بالسوداء، لكنها اضطرت إلى سحبها تحت ضغط نضالات الجماهير والفلاحين. وهي اليوم تطرح مشروع قانون البذور ومشروع قانون التجارة، اللذين اعتبرهما بمثابة حكم بالموت على الزراعة والفلاحين، مؤكداً أن الحركة الفلاحية لن تقبل بذلك.

وأضاف أن الحكومة لا تنفذ توصيات لجنة سواميناثان، كما أنها لا تضمن بيع المحاصيل بالسعر الأدنى المضمون (MSP)، الأمر الذي يدفع الفلاحين إلى الغرق في الديون ويجبر كثيرين منهم على الانتحار.

وأكد قائلاً:

"لن ينتحر الفلاح بعد اليوم، بل سيناضل."

إعلان:
أُعلن خلال المؤتمر عن تنظيم حملة «املأوا السجون» للفلاحين والعمال في جميع أنحاء البلاد يوم 10 أغسطس، بهدف إجبار الحكومة على التراجع عن سياساتها المعادية للفلاحين والعمال.

2. مؤامرة لإنهاء برنامج "مانريغا" – الرفيقة دورغا سوامي

قالت رئيسة اتحاد عمال الزراعة والعمال الريفيين في راجستان الرفيقة دورغا سوامي إن الحكومة المركزية تواصل استهداف القوانين التي تحمي العمال الريفيين، وتسعى إلى إنهاء برنامج مانريغا (MGNREGA) عبر استبداله بقانون جديد يحمل اسم GRAM-ROZGAR.

وأوضحت أن هذا القانون الجديد لا يضمن حق العمل، إذ تستطيع الحكومة تعليق فرص العمل لمدة شهرين في أي وقت.

وأضافت أنه خلال عام 2026 توقفت أعمال كل من مانريغا وGRAM-ROZGAR في معظم المناطق، مما أدى إلى تقويض أساس التشغيل في الريف. كما أشارت إلى أن الحكومة المركزية نقلت 60% من الأعباء المالية إلى حكومات الولايات، رغم أن ميزانيات هذه الولايات تعاني من عجز، وهو ما يجعل تنفيذ برنامج GRAM-ROZGAR أمراً غير واقعي.

ودعت المواطنين إلى النزول إلى الشوارع وخوض نضال موحد دفاعاً عن حقوقهم.

3. قوانين العمل الأربعة المعادية للعمال – الرفيق بهانوار سينغ شيكاوات

قال رئيس فرع ولاية راجستان لمركز النقابات العمالية الهندي (CITU)، الرفيق بهانوار سينغ شيكاوات، إن قوانين العمل الأربعة التي أقرتها الحكومة المركزية تحرم العمال من حقهم في الاحتجاج والإضراب، ولا توفر أي ضمانات حقيقية للأجور أو للحياة الكريمة.

وأضاف أن الحكومة تنفذ تشريعات معادية للعمال تحت ضغط الشركات الكبرى، مؤكداً أن الوقت قد حان لخوض معركة حاسمة ضد هذه القوانين.

اختتام المؤتمر

اختتم المؤتمر الرفيق أتما سينغ، حيث أكد المتحدثون أن النضال سيستمر حتى تتراجع الحكومة عن جميع السياسات المعادية للفلاحين والعمال.

وشارك في المؤتمر كل من: **شير سينغ شاكيا، ساخي روهيتاش سولانكي، باسانت سينغ، جاغجيت سينغ جاغي، مانيرام ميغوال، براهلاد بهلول، سوريش سوامي، غوبال، غورديف سينغ، باغا سينغ، شيام لال، بينتو، رام سينغ، أمرجيت، فينود ماوار، فيد مكاسار، سوريش جودكيا، جاغديش ياداف، سوبات رام، سانديب، فارون بيشنوي، سوريندرا شارما، بالرام سوامي، ميوارام، كريبارام، أمرجيت، رامتشاندرا، رئيسة اللجنة النسائية ساربجيت كاور، ريتشبال سينغ راثور، غورو بريم سينغ، سلطان خان، ورئيس منطقة هانومانغاره لـ«رابطة الشباب» ديفيلال، إلى جانب عدد كبير من المشاركين الآخرين.


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